संदेश भारत,रायपुर। ग्राम टिकरापारा (रा.नि.म. रायपुर) की विवादित भूमि पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। जहां एक तरफ प्रशासनिक दस्तावेज़ों में इसे निजी भूमि बताकर प्रकरण को समाप्त करने की तैयारी की गई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और स्थानीय लोग इसे पूरी तरह फर्जीवाड़ा बताते हुए विरोध पर उतर आए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि –
यह भूमि वर्षों से निस्तार की जमीन रही है, जिसमें बरसात का पानी भरता है और आसपास के लोग इसका उपयोग करते रहे हैं।
दस्तावेज़ों में हेराफेरी कर जमीन को निजी स्वामित्व दिखाया जा रहा है।
राजस्व रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है।
लोगों का आरोप है कि मेसर्स मुकेश बिल्डर व उसके पार्टनर विजय अग्रवाल ने फर्जी कागजात के आधार पर इस जमीन को अपनी निजी संपत्ति घोषित करा लिया है।
विरोध की तैयारी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो वे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल रचा गया है और अब इसे उजागर करना ही पड़ेगा।
स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री से मामले की जांच की मांग करते हुए कहा है कि सार्वजनिक निस्तार की जमीन किसी भी सूरत में बिल्डरों को हड़पने नहीं दी जाएगी।
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