संदेश भारत, बेमेतरा। जिले के बेरला ब्लॉक के ग्राम रेवे में इस वर्ष दशहरा महोत्सव विशेष रहा। हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। हजारों की संख्या में ग्रामीणजन और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए और पूरे हर्षोल्लास के साथ 51 फीट ऊँचे रावण के पुतले का दहन किया गया।
पारंपरिक झांकी और मंचन से हुई शुरुआत
गाँव के बाजार चौक में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत राम-लक्ष्मण-सीता और हनुमान की पारंपरिक झांकी तथा मंचन से हुई। जैसे ही शाम का अंधकार छाया, वातावरण ढोल-नगाड़ों की थाप और जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं में इतना उत्साह था कि हल्की बारिश की फुहारें भी उन्हें रोक न सकीं।
रावण दहन बना आकर्षण का केंद्र
जैसे ही विशाल रावण के पुतले में अग्नि लगाई गई, वैसे ही आसमान धमाकेदार इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी से चमक उठा। लोग उत्साह से झूमने लगे और बच्चे आतिशबाजी के नज़ारे देखकर आनंदित हो उठे। आयोजन समिति के अनुसार इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था और मंचन की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि भीड़ प्रबंधन सुचारू रहे।
जनप्रतिनिधियों की रही विशेष मौजूदगी
इस भव्य आयोजन में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। इनमें अवधेश सिंह चंदेल (पूर्व विधायक बेमेतरा) , प्रीतम सिंह चंदेल ( सभापति, जिला पंचायत बेमेतरा ), भूखन यादव ( सभापति, जनपद पंचायत बेरला ) , रघुवीर (पिंटू) सिन्हा ( अध्यक्ष , सरपंच संघ जनपद पंचायत बेरला एवं सरपंच ग्राम रेवे ) , निर्मल सिंह चंदेल, श्रीकांत जोशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
अध्यक्ष , सरपंच संघ जनपद पंचायत बेरला एवं सरपंच ग्राम रेवे के रघुवीर (पिंटू) सिन्हा ने कहा –
"रेवे में दशहरा महोत्सव हमारी आस्था और परंपरा का प्रतीक है। हल्की बारिश के बावजूद जिस तरह गाँववासियों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ 51 फीट रावण दहन में सहभागिता की, वह वास्तव में अद्वितीय है। यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक है। मैं सभी ग्रामीणों, युवाओं और आयोजन समिति को धन्यवाद देता हूँ, जिनकी मेहनत और सहयोग से यह महोत्सव सफल और ऐतिहासिक बन पाया। आने वाले वर्षों में भी हम इसी तरह परंपराओं को जीवित रखते हुए और भव्य आयोजन करेंगे।"
पूर्व विधायक अवधेश सिंह चंदेल ने कहा –
"दशहरा असत्य पर सत्य की विजय का पर्व है। रेवे जैसे गाँवों में इस तरह का भव्य आयोजन हमारी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखता है। बारिश के बावजूद जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ हजारों लोग एकजुट हुए, वह हमारे समाज की एकता और शक्ति को दर्शाता है। मैं आयोजन समिति और सभी ग्रामवासियों को इस सफल आयोजन के लिए हृदय से बधाई देता हूँ।"
गाँववासियों की खुशी और सामाजिक एकता का प्रतीक
गाँववासियों का कहना है कि दशहरा महोत्सव केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का संदेश भी देता है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस आयोजन में शामिल होकर पर्व की खुशियाँ साझा करते हैं। इस बार की हल्की बारिश ने महोत्सव के उत्साह को और भी यादगार बना दिया।
विशेष योगदानकर्ता: रावण बनाने में रोमनाथ सिन्हा, रिखी सिन्हा, ऋतिक सिन्हा, जीवन सिन्हा, राजेश सिन्हा, भागवत सिन्हा, योगेश यादव, टिकेश्वर सिन्हा, प्रवीण सिन्हा सहित गाँव के कई लोगों ने सहयोग किया।
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