ईडी के इस बड़े अभियान में देश के 28 से अधिक शहरों में स्थित कार्यालय शामिल थे, जिनका उद्देश्य विदेश से संचालित हो रहे संगठित साइबर अपराध गिरोहों की कमर तोड़ना है। |
संदेश भारत रायपुर l प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश भर में मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराधों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक अभियान छेड़ा है, जिसमें रायपुर ज़ोनल कार्यालय ने अग्रणी भूमिका निभाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में, रायपुर टीम ने मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों को पीछे छोड़ते हुए, अकेले 8,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के एक विशाल मामले को उजागर किया है।
ईडी के इस बड़े अभियान में देश के 28 से अधिक शहरों में स्थित कार्यालय शामिल थे, जिनका उद्देश्य विदेश से संचालित हो रहे संगठित साइबर अपराध गिरोहों की कमर तोड़ना है।
HIGHLIGHTS
1 . देशभर में 106 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। 2 . बैंक और डीमैट खातों में रखे 2,311 करोड़ रुपये फ्रीज किए 3 . 160 से ज्यादा जगहों पर छापे मारे गए |
महादेव बेटिंग ऐप: 8,000 करोड़ का घोटाला, 2,311 करोड़ रुपये फ्रीज
रायपुर कार्यालय द्वारा उजागर किया गया यह बड़ा मामला मुख्य रूप से महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़ा है। इस मामले में ईडी की कार्रवाई बेहद सख्त रही है, जिसके तहत अब तक:
1. 160 से ज्यादा जगहों पर छापे मारे गए हैं।
2. 19 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं।
3. 17 करोड़ रुपये के कीमती आभूषण और अन्य संपत्तियां बरामद की गई हैं।
4. सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में, बैंक और डीमैट खातों में रखे 2,311 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए हैं।
5. अब तक इस मामले में 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
6. मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया भी जारी है।
रायपुर सबसे आगे: अन्य ज़ोनल कार्यालयों की तुलना
साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच में रायपुर ज़ोनल कार्यालय ने इस समय देश में सबसे बड़ी जांच को अंजाम दिया है। अन्य प्रमुख ज़ोनल कार्यालयों के तुलनात्मक आंकड़े इस प्रकार हैं:
| ज़ोनल कार्यालय | उजागर/जांच की जा रही राशि (करोड़ रुपये में) |
| रायपुर | 8,000 |
| मुंबई | 6,000 |
| दिल्ली | (दो हाई-इंटेंसिटी यूनिट) 5,300 |
| हैदराबाद | 2,600 |
ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का ईडी कार्यालय, देश के आर्थिक केंद्रों को पीछे छोड़ते हुए, सबसे बड़े साइबर अपराध घोटाले को उजागर करने में सबसे आगे रहा है।
देशव्यापी कार्रवाई का लेखा-जोखा
श्रीनगर में आयोजित एक बैठक के दौरान, ईडी प्रमुख राहुल नवीन ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईडी ने साल 2020 से अब तक इन साइबर और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेटों से जुड़ी 28,000 करोड़ रुपये की अवैध आय और 8,500 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान की है। इस दौरान देशभर में 106 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
ईडी का यह अभियान विदेश से ऑपरेट हो रहे संगठित गिरोहों पर शिकंजा कसने पर केंद्रित है, जो साइबर माध्यमों से देश की आर्थिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह व्यापक और समन्वित कार्रवाई भारत में संगठित साइबर अपराध के खिलाफ ईडी के निर्णायक रुख को दर्शाती है।
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