17 लाख की इनामी  कमला सोड़ी ने किया आत्मसमर्पण,

17 लाख की इनामी कमला सोड़ी ने किया आत्मसमर्पण,


छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के ग्राम अरलमपल्ली की निवासी कमला सोड़ी वर्ष 2011 से माओवादी संगठन से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई थी। 


17 लाख की इनामी हार्डकोर माओवादी कमला सोड़ी ने किया आत्मसमर्पण, मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी), छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ पुलिस को आज एक बड़ी सफलता मिली जब 17 लाख रुपये की इनामी हार्डकोर महिला नक्सली कमला सोड़ी उर्फ उंगी उर्फ तरूणा (आयु 30 वर्ष) ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) के पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। यह कदम छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और विकासोन्मुखी शासन के अथक प्रयासों का एक सकारात्मक परिणाम है, जो नक्सलियों को हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रहा है।

कमला सोड़ी का माओवादी सफर

मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के ग्राम अरलमपल्ली की निवासी कमला सोड़ी वर्ष 2011 से माओवादी संगठन से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई थी। अपने 14 वर्षों के संगठन कार्यकाल में, उसने दंडकारण्य क्षेत्र और विशेष रूप से एमएमसी (मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) जोन में विभिन्न संगठनात्मक और हिंसक गतिविधियों में भाग लिया।

 1. पद: वह प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के माड़ डिवीजन, बस्तर एमएमसी जोन से संबंधित कैडर थी।

 2. भूमिका: संगठन में वह मिलिट्री हार्डकोर सदस्य के रूप में कार्यरत थी और एमएमसी जोन प्रभारी रामदर की टीम की प्रमुख सदस्य थी। उसकी गतिविधियों में भर्ती, प्रचार और पुलिस बलों पर हमले की योजना बनाना शामिल था।

 3. सक्रियता क्षेत्र: वह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र (गोंदिया जिला) और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रूप से नक्सली गतिविधियों में संलिप्त थी।

 4. इनाम: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा उस पर कुल 17 लाख रुपये का संयुक्त इनाम घोषित किया गया था।

HIGHLIGHTS

1 . ग्रामीण अंचलों में सुरक्षा बलों की तैनाती 

2 . लगातार माओवादियों का आत्मसमर्पण, सुरक्षा बलों का सफलता

3 . कमला सोड़ी को 50,000 रुपये की तत्काल प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।


नीति और प्रयासों का सकारात्मक परिणाम

जिला पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे संवाद, संपर्क और प्रेरणा के संयुक्त अभियान के परिणामस्वरूप कमला सोड़ी ने हिंसा का रास्ता त्यागने का निर्णय लिया।

सफलता के मुख्य कारक:

 1. आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025: केसीजी पुलिस द्वारा नक्सल विरोधी अभियानों के साथ-साथ नक्सल प्रभावित गांवों में नियमित रूप से सिविक एक्शन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बैनर, पोस्टर और पैम्फलेट द्वारा शासन की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 से मिलने वाली सुविधाओं और लाभों की जानकारी पहुंचाई जा रही है।

 2. विकास कार्य और विश्वास: ग्रामीण अंचलों में सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ सड़क और परिवहन सुविधाओं का विस्तार, पानी-बिजली-नेटवर्क की उपलब्धता जैसे विकास कार्यों से ग्रामीणों में शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।

 3. सामुदायिक पुलिसिंग: जनसंपर्क और संवाद कार्यक्रमों ने भी नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।

इन्हीं प्रयासों से प्रेरित होकर कमला सोड़ी ने स्वयं आगे बढ़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़कर सामान्य जीवन जीने हेतु आत्मसमर्पण किया।

इसे भी पढ़ें 👉 इंजीनियर का संदिग्ध शव नाले में मिला, हत्या की आशंका

प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास सुविधाएं

आत्मसमर्पण के तुरंत बाद, आत्मसमर्पित महिला नक्सली कमला सोड़ी को छत्तीसगढ़ शासन की 'नक्सलवाद उन्मूलन नीति' के अंतर्गत 50,000 रुपये की तत्काल प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक द्वारा शासन की पुनर्वास नीति-2025 के तहत अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं और लाभ प्रदान किए जाने हेतु वरिष्ठ कार्यालय को पत्र व्यवहार की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह आत्मसमर्पण अन्य भटके हुए युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश है कि हिंसा छोड़कर विकास की राह पर लौटना ही बेहतर भविष्य का एकमात्र मार्ग है।

Author heeralal
संपर्क करें

RAIPUR, CHHATISGARH

+91 9926144192

sandeshbharat.enquiry@gmail.com

सोशल मीडिया

© Sandesh Bharat. All Rights Reserved. Powered by Tivra Technologies