इस वर्ष 22 जनवरी को नहीं बल्कि 31 दिसंबर को मनाई जाएगी श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा वर्षगांठ, 27 दिसंबर से अनुष्ठान, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के  युवा करेंगे रामलीला

इस वर्ष 22 जनवरी को नहीं बल्कि 31 दिसंबर को मनाई जाएगी श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा वर्षगांठ, 27 दिसंबर से अनुष्ठान, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के युवा करेंगे रामलीला

संदेश भारत,अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। कार्यक्रम का उद्घाटन 31 दिसंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी समारोह में मौजूद रहेंगे।

प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ 31 दिसंबर को इसलिए मनाई जाएगी क्योंकि भारतीय परंपरा के अनुसार सभी धार्मिक पर्व पंचांग के आधार पर मनाए जाते हैं। प्राण प्रतिष्ठा के समय भी द्वादशी तिथि थी और इस वर्ष यह तिथि 31 दिसंबर को पड़ रही है। इसलिए इसी दिन प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह आयोजित किया जाएगा।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होंगे। 27 दिसंबर से 1 जनवरी तक विभिन्न अनुष्ठान, श्रीराम कथा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान अनूप जलोटा, सुरेश वाडेकर, तृप्ति शाक्य समेत कई प्रसिद्ध कलाकार प्रस्तुति देंगे। सभी कार्यक्रम अंगद टीला परिसर में होंगे और आम श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।

पूरा कार्यक्रम 

27 दिसंबर – कार्यक्रमों की शुरुआत

29–30 दिसंबर – दोपहर 2–5 बजे रामकथा, शाम को गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के युवाओं द्वारा रामलीला

31 दिसंबर – राजनाथ सिंह का अयोध्या आगमन, अंगद टीला पर संबोधन, शाम 6–8 बजे कवि सम्मेलन

1 जनवरी – अनूप जलोटा द्वारा नृत्य-नाटिका और प्रस्तुति

2 जनवरी – सुरेश वाडेकर, संजोली पांडेय और शालिनी चतुर्वेदी की प्रस्तुति

ट्रस्ट के अनुसार रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का यह दूसरा वर्ष है और इसे पाटोत्सव के रूप में मनाया जाएगा।

Author Praveen dewangan
संपर्क करें

RAIPUR, CHHATISGARH

+91 9926144192

sandeshbharat.enquiry@gmail.com

सोशल मीडिया

© Sandesh Bharat. All Rights Reserved. Powered by Tivra Technologies