संदेश भारत रायपुर। राजधानी रायपुर में साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए पिछले सात वर्षों में करीब 600 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। शहर के लगभग 54 वार्डों में अब भी नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। इससे करीब 18 लाख की आबादी परेशान है।नगर निगम और जल विभाग द्वारा पाइपलाइन सुधार, फिल्टर प्लांट, नई जलापूर्ति योजनाओं पर भारी राशि खर्च की गई, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को राहत नहीं मिल पा रही।
कई इलाकों में लगातार शिकायतें
शहर के अनेक क्षेत्रों जैसे—
रामनगर
कैलाश नगर
शांति नगर
अशोक नगर
भनपुरी
टिकरापारा
गुढ़ियारी
खमतराई
में नागरिकों ने बताया कि पीने योग्य पानी नहीं मिल रहा। कई जगह पानी में गंदगी, बदबू और कीड़े तक देखे गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है।
16 वार्डों में नई पाइपलाइन के बावजूद समस्या बरकरार
नगर निगम ने दावा किया था कि 16 वार्डों में नई पाइपलाइन बिछाने से समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन वहां भी हालात सुधरे नहीं हैं। कई जगह पाइपलाइन लीकेज और सीवरेज मिक्सिंग की वजह से पानी दूषित हो रहा है।
निगम का दावा: दो महीने में सुधार होगा
नगर निगम अधिकारियों ने कहा है कि शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए नई योजना पर काम चल रहा है।
उनका दावा है कि—
पाइपलाइन लीकेज ठीक किया जाएगा
फिल्टर प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी
दो महीने में व्यवस्था बेहतर होगी
जनता का सवाल: 600 करोड़ के बाद भी साफ पानी क्यों नहीं?
लोगों का कहना है कि जब सरकार और निगम ने इतने वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च किए, तो फिर आज भी राजधानी के नागरिकों को साफ पानी क्यों नहीं मिल पा रहा? अब देखना होगा कि नगर निगम का यह वादा कब तक हकीकत में बदलता है।
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