संदेश भारत कवर्धा। शहर के एक निजी आवासीय स्कूल 'गुरुकुल' में पढ़ने वाली 10वीं की एक नाबालिग छात्रा द्वारा बच्चे को जन्म देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपी के खिलाफ बीजापुर जिले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब स्कूल प्रबंधन, हॉस्टल की निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच आदिवासी विकास परिषद ने मामले की एसआईटी (विशेष जांच दल) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार, सरकारी उत्कर्ष योजना के तहत बीजापुर की एक नाबालिग छात्रा कबीरधाम स्थित निजी आवासीय स्कूल के हॉस्टल में रहकर 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि छुट्टियों के दौरान गांव में उसके साथ दुष्कर्म हुआ। इसके बाद वह कई महीनों तक स्कूल के हॉस्टल में रही। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, 5 फरवरी को तबीयत खराब होने पर परिजन उसे अपने साथ घर ले गए, जहां 12 फरवरी को उसने बच्चे को जन्म दिया।
मामले में आरोपी के खिलाफ बीजापुर थाने में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि अब इस पूरे मामले में स्कूल की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि यदि छात्रा कई महीनों तक हॉस्टल में रह रही थी, तो उसकी गर्भावस्था की जानकारी वार्डन, महिला स्टाफ या स्कूल प्रबंधन को क्यों नहीं हुई? क्या छात्रा का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था? इन सभी पहलुओं की जांच अब अहम मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस स्कूल का नाम पहले भी एक नाबालिग छात्रा से जुड़े कथित दुष्कर्म के मामले में सामने आ चुका है। उस समय स्कूल के एक कर्मचारी और तत्कालीन प्राचार्य के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी हुई थी। हालांकि वर्तमान मामले में किसी भी संस्थागत लापरवाही की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
वर्तमान प्राचार्य मनोज राय ने कहा कि यह घटना उनके कार्यकाल से पहले की है। उनके अनुसार छात्रा को परिजन अपने साथ ले गए थे और बाद में परीक्षा नहीं देने की जानकारी मिली। स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य प्रशासनिक पहलुओं से जुड़े सवालों का जवाब तत्कालीन प्राचार्य ही दे सकते हैं।
इधर, आदिवासी विकास परिषद के कामू बैगा ने आरोपी के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिषद का कहना है कि यदि छात्रा लंबे समय तक हॉस्टल में रह रही थी, तो निगरानी व्यवस्था की भी गहन जांच होनी चाहिए। संगठन ने एसआईटी गठित कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। वहीं अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच केवल आरोपी तक सीमित रहती है या स्कूल प्रबंधन और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच की जाती है।
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