संदेश भारत महासमुंद । शासकीय मेडिकल कॉलेज महासमुंद की डीन पर सरकारी वाहन के उपयोग और डीजल खपत को लेकर सवाल उठे हैं। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया गया है कि शासन द्वारा आवंटित वाहन में निर्धारित सीमा से अधिक डीजल की खपत दर्ज की गई है। मामले को लेकर प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
दस्तावेजों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. रेणुका गहिने को शासन द्वारा स्विफ्ट डिजायर कार (CG-02-AU-1763) आवंटित की गई है। वाहन के लिए प्रतिमाह 80 लीटर डीजल स्वीकृत है। इस आधार पर जनवरी 2025 से फरवरी 2026 तक 11 माह में अधिकतम 880 लीटर डीजल की खपत अपेक्षित थी, जबकि अभिलेखों में 1145 लीटर डीजल दर्ज होने का दावा किया गया है। यानी निर्धारित सीमा से 265 लीटर अधिक डीजल उपयोग का उल्लेख है।
बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज परिसर के भीतर ही डीन का कार्यक्षेत्र और सरकारी आवास होने के कारण अतिरिक्त डीजल खपत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, कुछ सूत्रों का दावा है कि सरकारी वाहन का उपयोग निजी आवागमन, विशेषकर रायपुर आने-जाने के लिए किए जाने की चर्चा रही है। हालांकि, इस संबंध में किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जिम्मेदारों ने नहीं दी प्रतिक्रिया
मामले में पक्ष जानने के लिए डीन डॉ. रेणुका गहिने से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं वाहन प्रभारी डॉ. विवेक साहू से भी संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने भी इस विषय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
विधायक ने की जांच की मांग
खल्लारी विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष द्वारकाधीश यादव ने मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को सदन में ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया है। उन्होंने डीजल-पेट्रोल की कथित अनियमितताओं की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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