2 साल में जर्जर हुआ नया हाई स्कूल! छत से गिर रहा प्लास्टर, डेढ़ साल से बंद भवन, डबल शिफ्ट में पढ़ने को मजबूर छात्र

2 साल में जर्जर हुआ नया हाई स्कूल! छत से गिर रहा प्लास्टर, डेढ़ साल से बंद भवन, डबल शिफ्ट में पढ़ने को मजबूर छात्र

बलौदाबाजार जिले के ग्राम करदा में करोड़ों की लागत से बना हाई स्कूल बना खंडहर, 11वीं-12वीं आज तक शुरू नहीं, ग्रामीणों में भारी नाराजगी ...

सन्देश भारत,बालौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के लवन से करीब 6 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत करदा में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई है। वर्ष 2022 में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बनाए गए नए हाई स्कूल भवन की हालत महज दो साल में ही जर्जर हो गई। दीवारों और छत से लगातार प्लास्टर और कंक्रीट के टुकड़े गिरने लगे, जिसके चलते पिछले एक साल से स्कूल भवन बंद है। अब कक्षा 6वीं से 10वीं तक के छात्र प्राथमिक स्कूल में डबल शिफ्ट में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, नया भवन इस उम्मीद के साथ बनाया गया था कि गांव में 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा मिलेगी और बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे गांवों का रुख नहीं करना पड़ेगा। लेकिन आज भी यहां केवल 9वीं और 10वीं की कक्षाएं ही संचालित हो रही हैं। 11वीं और 12वीं की कक्षाएं अब तक शुरू नहीं हो सकीं, जिससे 10वीं पास करने के बाद छात्र-छात्राओं को कई किलोमीटर दूर अन्य स्कूलों में जाना पड़ता है।

डर के साए में पढ़ाई

छात्रों का कहना है कि भवन में जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। छत और दीवारों से प्लास्टर गिरता रहता है। फर्श उखड़ चुका है और कई स्थानों पर पत्थर टूट गए हैं। शौचालयों की हालत बदतर है, जबकि स्कूल का मंच भी जर्जर हो चुका है, जिससे राष्ट्रीय पर्वों पर कार्यक्रम आयोजित करने में परेशानी होती है।

मैदान में कांटे, पानी के लिए 100 मीटर दूर जाना मजबूरी

स्कूल परिसर में बबूल और कंटीली झाड़ियां उग आई हैं। बरसात में मैदान कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों का चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है। साइकिल रखने की सुरक्षित जगह नहीं होने से आए दिन साइकिलें पंचर हो रही हैं। 

वहीं, स्कूल में बोरवेल होने के बावजूद पाइपलाइन और नलों की फिटिंग नहीं होने से बच्चों को पीने के पानी के लिए करीब 100 मीटर दूर जाना पड़ता है।

डबल शिफ्ट में चल रही पढ़ाई

नया हाई स्कूल भवन बंद होने के कारण प्राथमिक स्कूल में दो पालियों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।

पहली पाली: कक्षा 1 से 5, सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक।

दूसरी पाली: कक्षा 6 से 10, दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक।

ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

ग्राम पंचायत करदा की सरपंच ईतवाराबाई पति आत्माराम पैकरा सहित ग्रामीणों ने जर्जर भवन की तकनीकी जांच, दोषियों पर कार्रवाई, भवन की मरम्मत या नए निर्माण, 11वीं-12वीं की कक्षाएं शुरू करने तथा स्कूल में पानी, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

बड़े सवाल...

★ महज दो साल में नया स्कूल जर्जर कैसे हो गया?

★ क्या निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया था?

★ अगर भवन खतरनाक था तो समय रहते उसकी जांच क्यों नहीं कराई गई?

★ करोड़ों की लागत से बने स्कूल में आज तक 11वीं-12वीं की कक्षाएं क्यों शुरू नहीं हुईं?

★ क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

करदा के ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के भविष्य का सवाल है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर मामले में कब तक ठोस कार्रवाई करता है।

Author lusika sahu
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