दुर्ग यूनिवर्सिटी में UTD खुलने से विद्यार्थियों में बढ़ा उत्साह , उच्च शिक्षा में बढ़ी हलचल

दुर्ग यूनिवर्सिटी में UTD खुलने से विद्यार्थियों में बढ़ा उत्साह , उच्च शिक्षा में बढ़ी हलचल

PhD डिग्रीधारी गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति, आधुनिक लैब की स्थापना और करीब 80% कम फीस बन रही विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र

संदेश भारत दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में विश्वविद्यालय अध्यापन शालाओं (UTD) की शुरुआत उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रही है। UTD के माध्यम से विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय में ही बेहतर शैक्षणिक एवं शोध वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के निजी कॉलेजों के सामने भी प्रतिस्पर्धा बढ़ती दिखाई दे रही है।


UTD की सबसे बड़ी खासियत यहां विकसित की जा रही उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक व्यवस्था है। विश्वविद्यालय द्वारा UTD में अध्ययन-अध्यापन के लिए PhD डिग्रीधारी एवं विषय विशेषज्ञ गेस्ट फैकल्टी की भर्ती की जा चुकी है। इससे UTD में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को अपने विषय में उच्च योग्यता रखने वाले शिक्षकों से अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। विशेषकर M.Sc. (Physics, Chemistry, Mathematics, Botany & Zoology) जैसे उच्च शिक्षा, प्रयोग एवं शोध आधारित पाठ्यक्रमों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होगी।

आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली लैब की स्थापना

UTD को केवल कक्षागत शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को बेहतर प्रायोगिक एवं शोध आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधुनिक एवं उच्च गुणवत्ता वाली प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इन प्रयोगशालाओं के तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को अपने विषय से संबंधित प्रयोग, प्रायोगिक प्रशिक्षण और शोध कार्य करने का बेहतर अवसर मिलेगा।

इससे M.Sc. जैसे पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं शोध आधारित अनुभव प्राप्त होगा। विश्वविद्यालय स्तर पर ऐसी सुविधाओं के विकास से विद्यार्थियों को आगे उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक आधार मिलने की उम्मीद है।

फीस में करीब 80 प्रतिशत तक का अंतर
UTD की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता इसकी किफायती फीस भी है। निजी कॉलेजों की तुलना में UTD में M.Sc. की फीस करीब 80 प्रतिशत तक कम है। फीस में यह बड़ा अंतर विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए निश्चित रूप से आकर्षण का एक महत्वपूर्ण कारण बन रहा है।

हालांकि UTD की विशेषता केवल फीस तक सीमित नहीं है। उच्च योग्यता वाले शिक्षक, विषय विशेषज्ञ गेस्ट फैकल्टी, आधुनिक प्रयोगशालाएं और विश्वविद्यालय का अकादमिक एवं शोध वातावरण इसे विद्यार्थियों के लिए एक बेहतर विकल्प बना रहे हैं।

निजी कॉलेजों के सामने बढ़ेगी चुनौती

अब तक M.Sc. सहित कई स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए निजी कॉलेज विद्यार्थियों के प्रमुख विकल्प रहे हैं। लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा UTD को विकसित किए जाने से विद्यार्थियों के सामने अब सीधे विश्वविद्यालय में अध्ययन करने का विकल्प तैयार हो रहा है।

PhD डिग्रीधारी शिक्षक, विषय विशेषज्ञ गेस्ट फैकल्टी, आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना, विश्वविद्यालय का अकादमिक वातावरण और करीब 80 प्रतिशत तक कम फीस, ये सभी पहलू UTD को विद्यार्थियों के लिए आकर्षक बना रहे हैं।

इसी वजह से हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में UTD की शुरुआत को निजी कॉलेजों के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के रूप में देखा जा रहा है। अब निजी कॉलेजों को विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की योग्यता, प्रयोगशाला सुविधाओं और अकादमिक माहौल पर अधिक ध्यान देना होगा।

विद्यार्थियों के लिए तैयार हो रहा बेहतर विकल्प

UTD की शुरुआत से दुर्ग और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण होगा, जो उच्च शिक्षा के साथ-साथ प्रयोगशाला आधारित प्रशिक्षण और शोध का अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं।

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का UTD केवल किफायती फीस के कारण ही चर्चा में नहीं है, बल्कि PhD डिग्रीधारी गेस्ट फैकल्टी, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों, आधुनिक प्रयोगशालाओं और विश्वविद्यालय के अकादमिक एवं शोध वातावरण के कारण विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

UTD के विस्तार से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थानों के सामने प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है। विद्यार्थियों के सामने अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक प्रयोगशालाओं और करीब 80 प्रतिशत तक कम फीस के साथ विश्वविद्यालय UTD का एक मजबूत विकल्प तैयार हो रहा है। यही बदलता शैक्षणिक परिदृश्य निजी कॉलेजों के लिए चिंता का कारण बन रहा है और इसी वजह से कहा जा रहा है कि दुर्ग यूनिवर्सिटी में UTD खुलने से निजी कॉलेजों की नींद उड़ गई है।

Author Praveen dewangan
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