संदेश भारत रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश सरपंच महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण और सरपंचों की समस्याओं के समाधान को लेकर 22 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव नायक ने किया। इस दौरान पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने, विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने तथा सरपंचों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।
महासंघ ने मुख्यमंत्री से सरपंचों का मासिक मानदेय वर्तमान 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने की मांग की। साथ ही सभी सरपंचों के लिए 1 करोड़ रुपये का दुर्घटना एवं जीवन बीमा लागू करने, पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने तथा पंचायतों को अधिक प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार देने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायतों को संसाधनों और अधिकारों से सशक्त बनाना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बजट की कमी और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में पंचायतों को समय पर राशि उपलब्ध कराई जाए, योजनाओं के संचालन को सरल बनाया जाए तथा पंचायत प्रतिनिधियों को कार्य करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाए। महासंघ ने पंचायत प्रतिनिधियों के हितों की सुरक्षा, प्रशिक्षण, आवश्यक सुविधाओं और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने संबंधी मांगें भी रखीं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और मांगपत्र का परीक्षण कर आवश्यक विषयों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया। सरपंच महासंघ ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार पंचायतों के हित में शीघ्र निर्णय लेकर ग्रामीण विकास को नई गति देगी।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष रघुवीर सिन्हा, लखन पटेल, तोरण दास मानिकपुरी, संकेत अग्रवाल, राजेश्वरी कैलाश आदिल, हरिशंकर साहू, टिकेश्वर साहू सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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