केटीयू में ‘युवा विमर्श और मीडिया की भूमिका’ पर चतुर्थ सत्र संपन्न, विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिए पत्रकारिता के गुर

केटीयू में ‘युवा विमर्श और मीडिया की भूमिका’ पर चतुर्थ सत्र संपन्न, विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिए पत्रकारिता के गुर


सत्य, संयम और वैचारिक स्पष्टता ही पत्रकारिता की असली ताकत: प्रो. मनोज दयाल


भाषा हमारी पहचान, विदेशी प्रपंचों से बचना जरूरी: श्री प्रभात मिश्रा


रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित दीक्षारम्भ कार्यक्रम के तहत आज "वर्तमान भारतीय परिदृश्य में युवा विमर्श और मीडिया की भूमिका" विषय पर चतुर्थ चरण का आयोजन किया गया। इस सत्र में देश और प्रदेश के जाने-माने मीडिया विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पत्रकारिता के व्यावहारिक पक्षों, नैतिक मूल्यों और बदलते दौर की चुनौतियों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कहा कि इंटरव्यू लेते समय किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए। आज की युवा पीढ़ी वर्तमान तो देख रही है, पर उसे अतीत को गहराई से समझने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर अत्यधिक केंद्रित रहने के बजाय पारंपरिक रूप से अख़बार और पुस्तकें पढ़ने की सलाह दी। लोकतंत्र में अपने अधिकारों की बात रखना जरूरी है, परंतु अपने कर्तव्यों के प्रति भी सचेत रहना उतना ही महत्वपूर्ण है।


छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने अपने संबोधन में बतौर मुख्य वक्ता कहा कि अतीत की पृष्ठभूमि को समझकर वर्तमान का विश्लेषण करते हुए पत्रकारिता करना ही बेहतर होगी। स्टूडेंट्स को हमेशा सजग और सचेतन रहना चाहिए। सोशल मीडिया से युवा पीढ़ी भ्रमित न हो क्योंकि इसके पीछे विदेशी ताकतें सक्रिय हैं। पत्रकारिता में सामाजिक सरोकार स्थापित करना होगा और पत्रकारिता में भारत और भारतीयता का सत्त्व होना चाहिए।

पीटीआई (PTI) के छत्तीसगढ़ राज्य प्रमुख श्री संजीव गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सवाल जरूर पूछना चाहिए, परंतु इसका तरीका बहुत संजीदगी भरा होना चाहिए। सत्य के राह पर चलने वाला व्यक्ति ही असली पत्रकार बनता है। किसी भी व्यक्ति के बारे में पूर्व-धारणा बनाकर पत्रकारिता न करें। जैसा समाज होगा, वैसी ही पत्रकारिता होगी। समाज और देश को सुधारने से पहले खुद को सुधारना जरूरी है। अपना आचरण श्रेष्ठ रखने के लिए अलग-अलग तरह की अच्छी पुस्तकें पढ़ें और पूरे प्रेम के साथ अपने करियर पर ध्यान दें।

एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल के छत्तीसगढ़ ब्यूरो प्रमुख श्री तन्मय साकल्ले ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि अपने आप को हर जगह साबित करो तो आपको कोई नहीं रोक सकता। न्यूज़ रूम की कठिनाइयों में काम करने का उन्हें बहुत फायदा मिला। जर्नलिज्म के स्टूडेंट्स के लिए कैमरा ऑपरेशन का ज्ञान होना बेहद जरूरी है। अच्छे संबंध बनाएं जिससे ब्रेकिंग न्यूज़ मिल सके। अनजान व्यक्ति का इंटरव्यू लेते समय प्रश्नों का एक बेसिक फ्रेम दिमाग में होना चाहिए। खबर कवर करने की कठिनाइयों के बाद बड़ा सुखद आनंद मिलता है। ग्रुप फील्ड पर जाकर खबर कवर करने का काम करें और एक्सपोजर बढ़ाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर जर्नलिस्ट नहीं होते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. राजेन्द्र मोहंती ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों का अकादमिक और व्यावहारिक एक्सपोजर बढ़ता है तथा राष्ट्र निर्माण और समाज की दिशा तय करने में युवा हर समय एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"

आज के दीक्षारंभ कार्यक्रम में अतिथि परिचय विद्यार्थी धीरज और सुषमा अग्रवाल द्वारा दिया गया। दीक्षारम्भ कार्यक्रम के संयोजक डॉ. आशुतोष मांडवी ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर डॉ. शैलेन्द्र खंडेलवाल, श्री पंकज नयन पांडे, डॉ. नृपेन्द्र शर्मा, समस्त अतिथि व्याख्याता और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Author Praveen dewangan
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